पानी पकाती माँ बेचारी
मैंने देखी भूख बहुत है, मैंने देखी बहुत लाचारी
बच्चों को सुलाने के खातिर, पानी पकाती माँ बेचारी
बच्चे जो सो गए हैं उनको, घेर रही है बीमारी
आंतें गल रहीं, आंखें धंस रही, फिर भी खुश माँ प्यारी
गोदामों में अन्न साद रहा, है वो पूरा सरकारी
सरकार ओछे बयान दे रही, देख रही दुनिया सारी
दुखद!
ReplyDeleteमें अन्न साद रहा,
ReplyDeleteसड़ ..रहा कर लें ....
बहुत मार्मिक प्रस्तुति ..